अटल जी- श्वेता राय

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हिन्दू तनमन हिन्दू जीवन, हिन्दू सत् के मान अटल जी।
कोमलता दृढ़ता मर्यादित जीवटता पहचान अटल जी।

रार नहीं कहते थे ठानो।
पर अपने मन की सब मानो।
राष्ट्र ऋणी है कृत्य किये जो।
अरिहंता बन दंभ दिए वो।
परमाणु के स्वर में दे गए देशप्रेम अभिमान अटल जी।
कोमलता दृढ़ता मर्यादित जीवटता पहचान अटल जी।
हिन्दू तन मन हिन्दू जीवन हिन्दू सत् के मान अटल जी।

दुश्मन थे जब जग में सारे।
प्रतिबंधों से कब वो हारे।
कथन दिए थे गल्पों को वो।
पूर्ण किये संकल्पों को वो।
पंचशील के ध्वनि शामिल मृदुल मृदुल मुस्कान अटल जी।
कोमलता दृढ़ता मर्यादित जीवटता पहचान अटल जी।
हिन्दू तन मन हिन्दू जीवन हिन्दू सत् के मान अटल जी।

टूटे मन की बातें करते।
नवगीतों में चिंतन धरते।
कुटिल समय में भरते थे दम।
वक्ता थे वो मुखर तड़ित सम।
अटल नाम के गुणधर्मों को स्वंयसिद्ध सम्मान अटल जी।
कोमलता दृढ़ता मर्यादित जीवटता पहचान अटल जी।
हिन्दू तन मन हिन्दू जीवन हिन्दू सत् के मान अटल जी।

[जय जवान! जय किसान! जय विज्ञान!]

【जन्मदिन पर शत् शत् नमन】

रचनाकार- श्वेता राय