देख प्रिय! मधुमास आया- आईना शाण्डिल्य

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देख प्रिय! मधुमास आया
फिर वही रस-रास लाया
सद्यःस्नाता यौवना की
चूनरी में बास लाया

देख प्रिय! मधुमास आया

सांवरी सी एक बाला
पी चली यौवन की हाला
देख दर्पण मुख लजाए
प्रीत-प्रियतम-प्यास लाया

देख प्रिय! मधुमास आया

भाल पर बिंदिया लगाए
नैन में निंदिया सजाए
कोपलें फूटी प्रणय की
अधर कंपित हास लाया

देख प्रिय! मधुमास आया

गोरी-गोरी नववधू भी
नगरिया पी के चली सी
लाला-पीली यवनिका में
शर्म भर-भर श्वास लाया

देख प्रिय! मधुमास आया

देवरों की फिर ठिठोली
भाभियों की व्यंग्य बोली
जीजा संग साली की होली
भोली का उल्लास लाया

देख प्रिय! मधुमास आया

पारदर्शी, लाजवंती
पुष्प सरसों के सेवंती
गोपियों संग ग्वाल, राधा
कृष्ण का परिहास लाया

देख प्रिय! मधुमास आया

सरल चितवन से पुकारे
नयन आयत कर निहारे
रात्रि के अल्हड़ वयस में
प्रणयरत सहवास लाया

देख प्रिय! मधुमास आया

-आईना शाण्डिल्य