AIIMS के मुद्दे पर पूरा सीमांचल हो एकजुट

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जैसा की आप सब जानते है की 11,000 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला लगभग डेढ़ करोड़ की आबादी को समेटे आज हमारे, हम सबके सीमांचल की सबसे बड़ी अनिवार्य आवश्यकता AIIMS पर गत 30 जनवरी 2019 को सहरसा,17 फरवरी 2019 को मधेपुरा, सुपौल, त्रिवेणीगंज के बाद 25 फरवरी 2019 को सौरबाज़ार (प्रखंड परिसर) सहरसा में भी आयोजित यह महापंचायत पूरी तरह सफ़ल रही। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ गौतम कृष्ण के मार्गदर्शन में पीपुल्स पॉवर की टीम की इस संघर्ष-यात्रा की गूँज को संसद-भवन तक पहुँचाना है और इसके लिए पूरे सीमांचल वासियों से एकजुट होने की अपेक्षा है। अन्य राजनीतिक पार्टीयों के युवाओं से, सदस्यों से तमाम कार्यकर्ताओं से भी अनुरोध है की वो सब दलगत राजनीति की भावना से ऊपर उठकर AIIMS के मुद्दे पर एकजुट रहें। 11,000 वर्गकिलोमीटर के क्षेत्र में फैला लगभग डेढ़ करोड़ की आबादी को समेटे हुए अपने सीमांचल को AIIMS जैसे हेल्थ सेंटर का एक मुद्दत से इंतज़ार है। सीमांचल में AIIMS जैसी स्वास्थ्य संस्थाओं की जरूरत एक अरसे से महसुस की जा रही है। बेहतर चिकित्सा सुविधा के अभाव में यहाँ के लोगों को दूर-दराज ईलाज के लिए भटकना पड़ता है। संपन्न परिवार तो फिर भी हिम्मत कर बड़े-बड़े प्राइवेट मेडिकल सेंटर्स में चले जाते है पर जो सरकार द्वारा तय किए गए गरीबी की परिभाषा के तहत आते है, वैसे भूमिहीन, मजदूर वर्ग, किसान परिवार के लोगो को जिन्हें दोनों वक़्त का खाना मयस्सर नहीं होता उनके लिए ईलाज का खर्चा वहन कर पाना बहुत मुश्किल हो जाता है। लिया हुआ कर्ज बढ़ता जाता और जमीन-जेवर सब गिरवी पड़े रहते। महिलाओं और किशोरियों की हालत तो और भी दयनीय हो जाती है। उनके लिए चिकित्सा सुविधाएं ऐसे भी परिवार की सभी आवश्यकताओं की पूर्ति करने के बाद दोयम दर्जे की बात होती है। आर्थिक तौर पर पिछड़ा हुआ होने के साथ-साथ कई तरह की प्राकृतिक आपदाओं से जूझता रहा अपना सीमांचल एक युग से बेहतर और निःशुल्क चिकित्सा सेवाओं की बाट जोह रहा है। आज सहरसा सरकार द्वारा AIIMS निर्माण के लिए प्रस्तावित सभी शर्तों को पूरा कर रहा है। सरकार द्वारा अधिगृहित 217 एकड़ जमीन के साथ यहाँ किसी मेडिकल कॉलेज का न होना, दूर-दराज के क्षेत्रों से संपर्क में बने रहने के लिए हवाई अडड्डे का मौजूद होना, रेल स्टेशन और बस स्टैंड से प्रस्तावित भूमि की दूरी नजदीक होना, सघन आबादी वाला क्षेत्र, ऊँचा और बाढ़ के पानी से अप्रभावित प्रस्तावित भूमि का मौजूद होना और आर्थिक रूप से पिछड़ा इलाका होना सब मिलाकर सहरसा सीमांचल में AIIMS निर्माण के लिए ही सीमांचल में सबसे मुफ़ीद इलाका है। मेरा आप सबों से यही अनुरोध है की कृपया आप सब सीमांचल में AIIMS निर्माण के लिए शुरू किए गए इस अभियान को सफ़ल बनाए और AIIMS निर्माण के हर चरण में अपनी सक्रिय सहभागिता दें।
मुझे आज AIIMS जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पुरे सीमांचल की आधी आबादी से भी दो शब्द कहने की बलवती इच्छा है,
आज AIIMS के लिए अभियान चलाने वाले पीपुल्स पॉवर के सभी सदस्यों को पूरे सीमांचल वासियों का खासकर महिलाओं और किशोरियों का वास्तव में और व्यवहारिक रूप से काफी सहयोग चाहिए। जैसा कि हम सब जानते है की कोई भी संस्था या कोई भी बड़े से बड़ा या छोटे से छोटा जन आंदोलन दुनिया की आधी आबादी की सहभागिता के बगैर पूरी तरह सफ़ल नहीं हो सकता है, ये मानी हुई बात है। सीमांचल की सभी महिलाओं और किशोरियों से अनुरोध है की आप सब व्यापक स्तर पर पीपुल्स पॉवर के द्वारा चलाए जा रहे इस मुहीम का हिस्सा बने और AIIMS निर्माण के हर चरण में अपना सक्रिय योगदान दे। हमारे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का यह कथन आज भी बहुत ही प्रासंगिक है की महिलाओं की भागीदारी किसी भी जन आंदोलन की सार्थकता की आधारशिला होती है और क्यों न हो एक जागरूक महिला से पूरा परिवार, पूरा समाज, पूरा जिला, पूरा राज्य और अंततः पूरा राष्ट्र जागरूक बनता है। बेहतर चिकित्सा सेवा आपका अधिकार है। हम किसी का हक नहीं मांग रहे बल्कि अपने लिए तर्कपूर्ण मांग कर रहे है। AIIMS निर्माण की सभी शर्तों को आज सीमांचल में सहरसा पूरा कर रहा है। आज अगर हम सब इस ज्वलंत व बेहद वाजिब संवेदनशील मुद्दे पर एकजुट न हुए तो सहरसा में AIIMS निर्माण राजनीतिक द्वन्द और गुटबाजी का शिकार हो जाएगा। फिर सीमांचल के हर व्यक्ति को, क्या स्त्री क्या पुरुष हर तबके के लोगो को इस बात का हमेशा के लिए अफ़सोस रह जाएगा। अगर बराबर के अधिकार चाहिए तो बराबर की साझेदारी भी निभाइए ना। देश के हालात बदलना क्या सिर्फ लड़कों की ज़िम्मेदारी है? अपने अधिकारों के साथ साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी चेतना दिखाये। जानकार बनिए, साथ दीजिये। सिर्फ वोट देना ही सब कुछ नहीं, उत्साहवर्धन कीजिये उनका, सहयोग कीजिये उनका, जो सोशल मीडिया, प्रिंट मीडिया का उपयोग किसी सकारात्मक बदलाव के लिए कर रहे है। ऐसा बदलाव जो सबके लिए हितकारी हो और सुखकारी हो। आपके सकारात्मक सहयोग से कुछ भी नामुमकिन नहीं है। फिर चाहे वो AIIMS का मुद्दा ही क्यों न हो। AIIMS सीमांचल वासियों के लिए आज एक अनिवार्य आवश्यकता है। एक युग से गंगा-जमना तहजीब से सराबोर, रेणुमाटी की इस पावन भूमि को, हमारे-आपके, हम सबके सीमांचल को AIIMS जैसे हेल्थ सेंटर का इंतज़ार है। बीते कई दशको से हमारा सीमांचल आर्थिक पिछड़ेपन का शिकार तो रहा ही अब यहाँ तेजी से बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में फैलती महामारी, कैंसर और अन्य सघन रोगों के मकड़जाल ने कोसी वासियों का सामान्य जीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। हम सीमांचल वासी किसी का हक नहीं मार रहे; आज सहरसा में 217 एकड़ जमीन सरकार द्वारा अधिगृहित है और यहाँ किसी मेडिकल कॉलेज का नहीं होना AIIMS निर्माण के लिए सरकार द्वारा तय किए गए सभी वाज़िब शर्तों में से एक है, साथ ही एक और जरुरी बात ये भी है की AIIMS जैसे हेल्थ सेंटर के कारण हमारे सीमांचल के वैसे भाइयों को भी रोज़गार के व्यापक अवसर मिलेंगे जो सरकार द्वारा तय किये गए गरीबी की परिभाषा के तहत आते है और रोज़ी रोटी के लिए उन्हें अपने परिवार से दूर दूसरे राज्यों में जाना पड़ता है।
आज AIIMS इस मानव श्रम का सीमांचल से बाहर अन्य राज्यों में लगातार हो रहे इस पलायन को व्यापक तौर पर रोक सकता है। अंत में सबसे महत्वपूर्ण बात जो मुझे कहनी है की अगर हम सब सीमांचलवासी AIIMS के इस संवेदनशील मुद्दे पर दलगत राजनीति की ओछी भावना से ऊपर उठ जाए तो शायद हम अपने सीमांचल के लिए AIIMS जैसे हेल्थ सेंटर को इसी 17वीं लोकसभा सत्र में हासिल करने में सफ़ल हो जाएंगे और क्यों नहीं ये बात भी तो सर्वविदित है की कोई भी बड़ी बीमारी, कोई स्वास्थ्यगत समस्या या संक्रामक रोग आप पर आक्रमण करने से पहले ये नहीं देखता है की आप किस राजनीतिक दल के सदस्य हैं, इसलिए AIIMS जैसे मुददे पर छोटी से छोटी राजनीतिक गुटबाजी या मुर्खता हमें बहुत भारी पड़ जायेगी। आज अपने सीमांचल में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं के अभाव और प्राइवेट चिकित्सा संस्थानों के नकारात्मक वर्चस्व, व्यावसायिक दृष्टिकोण और आर्थिक मनमानी के कारण समाज के कई प्रबुद्ध वरिष्ठजनों और प्रिय जनों को असमय काल-कलवित होते देख अपने सीमांचल के लिए AIIMS जैसे हेल्थ सेंटर का हम सभी सीमांचल वासियों को एक जुट होकर संकल्प लेना ही चाहिए।

17वीं लोकसभा चुनावी महासमर का परिणाम जल्द-
हमें इस बात का पूरा भरोसा है की सरकार किसी की भी बनें; अपने सीमांचल के लिए AIIMS जैसे हेल्थ सेंटर को लाने में दलगत राजनीति की ओछी भावना से ऊपर उठकर वो जरूर सहयोग करेगी और AIIMS जैसे संवेदनशील मुद्दे पर जो आज हम सीमांचल वासियों की सबसे अनिवार्य आवश्यकता है; पूरा सीमांचल एकजुट होकर अपनी आवाज़ बुलंद करेगा और इस लोकसभा सत्र में ही इसे प्राप्त करने में सफ़ल रहेगा।

-स्नेहा किरण
प्रवक्ता-पीपुल्स पॉवर