Friday, April 26, 2019
Home Tags वासंती

Tag: वासंती

वासंती दोहे- स्नेहलता नीर

फूले टेसू-मोगरा, फूल गयी कचनार। गेंदा चंपा खिल गये, फूला हरसिंगार।। बेला, जूही, केतकी, फूले लाल गुलाब। फूल गयी गुलदाउदी, दिल में जागे ख़्वाब।। सेंवल सरसों भी खिले,...

बसंत- श्वेता राय

आसमान बरसा रहा है प्रेम खिलखिला रही है दूब खोल पट मिट्टी का सुनो! मेरे रूठे प्रेमी! तुम भी बढ़ाओ तपिश अपने प्रेम की कि शिशिर से सुसुप्त पड़ा हमारा साथ बौरा...

Recent Posts