Monday, May 27, 2019
Home Tags Geet

Tag: Geet

क़ातिलाना ये अदायें- प्रिया सिन्हा

क़ातिलाना ये अदायें उफ़ तुम्हारी शान की अब खुदारा क्या मनाएं ख़ैर अपनी जान की।। एक इक सजदा भी अपना नाम उसके कर दिया जिस निगाहें ख़ास ने इस दर्द की...

मीत मन भाने लगा है प्रीत का मौसम- स्नेहलता नीर

खिल गए हैं फूल कोयल छेड़ती सरगम। मीत मन भाने लगा है प्रीत का मौसम। कर रहा है नवसृज ऋतुराज धरती पर। मन प्रफुल्लित मन रहा त्यौहार...

बो दिये हैं खेत में अपने उजाले- शीतल वाजपेयी

एक दिन सूरज उगाकर दूर कर दूँगी अँधेरा, आज मैंने बो दिये हैं खेत में अपने उजाले आस औ विश्वास के जल से इसे सीचूँगी हर...

तुम पलाश बन खिल जाना- अनिता सैनी

सज़ा रही जीवन गुलदस्ता तुम  प्रीत  फूल ले आना मधुवन महके  जीवन का तुम पलाश बन खिल जाना तपन  बहुत, जीवन  की तुम  पतझड़  में  मुस्काना आंधी  का झोंका आये...

विचरण करता निर्जन में- स्नेहलता नीर

होता दुखी, बहाता आँसू, अस्त व्यस्त है क्रंदन में मन के आगे मनुज मौन है, विचरण करता निर्जन में करता नहीं कभी मन पावन, तन को...

प्रथम बार श्रृंगार किया था- आशुतोष असर

अपने अंदर के सुख को जब मन से एकाकार किया था प्रकृति ने मेरी उस क्षण ही प्रथम बार श्रृंगार किया था दूर धरा को गगन...

कभी खुद से मिले क्या- शीतल वाजपेयी

मिले हो हर किसी से पर कभी खुद से मिले क्या? कभी पूछा है खुद से हैं कोई शिकवे-गिले क्या? कभी तनहाइयों में बैठ कर खुद...

प्रिय-प्रेम की पाती- स्नेहलता नीर

अब ऋतु वसंती और सँग में फाग का है आगमन प्रिय-प्रेम की पाती पवन भी पढ़ रही होकर मगन हैं आम सब बौरा रहे, कोयल मधुर...

प्रार्थना है लेखनी को विमल कर, नव धार दे दो- स्नेहलता...

मात् वीणा-पाणि हमको ज्ञान का उपहार दे दो प्रार्थना है लेखनी को विमल कर, नव धार दे दो वेदना है हर हृदय में, कंठ रोदन से...

भारत सब देशों से न्यारा- स्नेहलता नीर

भारत सब देशों से न्यारा जन गण मन का है अति प्यारा जाति धर्म हैं भिन्न हमारे फिर भी मिलकर रहते सारे कर्मवीर हम हैं रखवारे सबका सबसे भाईचारा भारत...

Recent Posts