Monday, June 17, 2019
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Tag: Hindi poetry

यशोधरा- अंकिता कुलश्रेष्ठ

आपके संग हर कदम चलती रही अनुगामिनी सी क्यों भला फिर मैं अकेली रह गई अपराधिनी सी आपके अधरों से निकले शब्द मैंने वेद जाने वेदनाएं आपकी सारी सहीं बिन भेद...

कुछ प्लान बेवजह ही कर लिया करो-नंदिता राजश्री

कभी यूं ही एक काॅल बेवजह ही कर लिया करो या कभी आ जाओ अचानक तो साथ पीयें ब्लैक काॅफ़ी या नींबू वाली चाय ज़रा सी...

देख तेरे सारे अफ़साने रूठ गए- पूनम प्रकाश

क्या वाइज़ और क्या दीवाने रूठ गए। जो भी आए थे समझाने रूठ गए। शिद्दत मेरी प्यास की देखी ही थी और दुनिया के सारे मैखाने रूठ...

गीत गाना चाहती हूँ- श्वेता राय

चाहती हूँ मैं विकलता आ बसे मधुगान में। एक मीठी सी कसक हर पल उठे अब प्राण में।। प्रेम से भीगे हृदय को चाँदनी इक प्यास...

अपना कृष्ण खुद ही बनना होगा- नीरज त्यागी

बन्द पलके खोल कर जिसको चलना आ गया। समझ लो बस अब उसको जीवन जीना आ गया।। बार बार,गिर गिर कर जिसको सम्हलना आ गया। बस समझ...

जनता- डॉ राजेश दुबे

ईद मनाती सरकारें बलि का बकरा है जनता मुफ्तखोर हैं लूट रहे जेब कटाती है जनता... आँसू पोंछ रहे घड़ियालों के जिनके दाँतों बीच फसी पूँछ हिलाती है जनता... फटे जेब पर जश्न...

प्रीत धरा की- अनिता सैनी

निशा निश्छल मुस्कुराये प्रीत से, विदा हुई जब भोर से तन्मय आँचल फैलाये प्रीत का, पवन के हल्के झोंको से कोयल ने मीठी कुक भरी, जब निशा मिली थी...

कभी खुद से मिले क्या- शीतल वाजपेयी

मिले हो हर किसी से पर कभी खुद से मिले क्या? कभी पूछा है खुद से हैं कोई शिकवे-गिले क्या? कभी तनहाइयों में बैठ कर खुद...

ऐ फगुनिया- रंजीत कुमार तिवारी

ऐ फगुनिया! कितनी भाग्यशाली है तू कि ऐसा अप्रतिम प्रेमी पाया जिसके प्यार ने शाहजहाँ मुमताज ताजमहल को भी शरमाया एक नई इबारत लिख दिया मोहब्बत के फलक पर तेरे प्रेमी...

प्रार्थना है लेखनी को विमल कर, नव धार दे दो- स्नेहलता...

मात् वीणा-पाणि हमको ज्ञान का उपहार दे दो प्रार्थना है लेखनी को विमल कर, नव धार दे दो वेदना है हर हृदय में, कंठ रोदन से...

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